Rajasthan Aaj Ka Mausam: राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, धौलपुर-करौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 19 जिलों में आंधी-बिजली और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने दी चेतावनी…!

Kishan Modi
16 Min Read
Rajasthan Aaj Ka Mausam

Rajasthan Aaj Ka Mausam: राजस्थान में 20 अगस्त से बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने की संभावना है। धौलपुर और करौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट है, जबकि 19 जिलों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी दी है।

Contents

राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के बाद अब मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के लिए फिर से बारिश का दौर बढ़ने का अनुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार 20 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।

इस बदलाव का असर खासतौर पर जयपुर और भरतपुर संभाग के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। 20 से 23 अगस्त के बीच इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं धौलपुर और करौली में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। हालांकि बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

20 अगस्त से फिर बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 20 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक लगातार बारिश के बजाय कई स्थानों पर स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश होने की स्थिति देखने को मिल सकती है।

पूर्वी राजस्थान में पहले से ही मानसून के दौरान बारिश की गतिविधियां पश्चिमी राजस्थान की तुलना में अधिक रहती हैं। अब नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से जयपुर, भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर फिर सक्रिय हो सकता है।

20 से 23 अगस्त के बीच जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवा और मेघगर्जन भी हो सकता है।

बारिश का असर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इसलिए एक ही जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है।

धौलपुर और करौली में भारी बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने धौलपुर और करौली के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि इन जिलों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक तेज बारिश हो सकती है और लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और कच्चे रास्तों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

धौलपुर और करौली में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। बारिश के दौरान नदी, नाले या जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचना बेहतर होगा।

19 जिलों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा

राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा भी बताया गया है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमान के अनुसार करीब 19 जिलों में मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं विशेष रूप से खुले इलाकों, खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में जोखिम पैदा कर सकती हैं। ऐसे मौसम में खुले मैदान में खड़े रहने के बजाय सुरक्षित और पक्की जगह पर रहना बेहतर होता है।

तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम में बदलाव के संकेत मिलते ही सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।

जयपुर और भरतपुर संभाग में कैसा रहेगा मौसम?

20 से 23 अगस्त के बीच जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां लगातार एक जैसी नहीं रहेंगी, बल्कि स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर इनमें उतार-चढ़ाव हो सकता है।

जयपुर शहर और आसपास के इलाकों में बारिश होने पर तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बादलों के बीच उमस भी बनी रह सकती है।

भरतपुर संभाग में भी कुछ हिस्सों में बारिश के साथ मेघगर्जन की स्थिति बन सकती है। लोगों को विशेष रूप से सुबह और शाम के मौसम अपडेट पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि स्थानीय स्तर पर बारिश का समय अलग हो सकता है।

पश्चिमी राजस्थान में मानसून रहेगा कमजोर

पूर्वी राजस्थान के विपरीत पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि पश्चिमी राजस्थान में कहीं भी बारिश नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है।

खासकर बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसलिए पश्चिमी राजस्थान के लिए भी मौसम पूरी तरह साफ रहने का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

21 से 24 अगस्त तक पूर्वी राजस्थान में जारी रह सकती है बारिश

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 21 से 24 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई संभागों में स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

इस अवधि में बारिश का स्वरूप अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कहीं कुछ समय के लिए तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

स्थानीय मौसम प्रणाली, नमी और बादलों की स्थिति के कारण बारिश का क्षेत्र और तीव्रता बदल सकती है। इसलिए मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के आधार पर ही किसी खास शहर के लिए अंतिम अनुमान लगाया जाना अधिक उचित होगा।

राजस्थान में बारिश का यह नया दौर क्यों महत्वपूर्ण है?

मानसून के दौरान राजस्थान में बारिश का वितरण सामान्य तौर पर असमान रहता है। पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना अधिक रहती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्से अपेक्षाकृत शुष्क रहते हैं।

ऐसे में 20 अगस्त के बाद पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ना किसानों और जल संसाधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बारिश होने पर जलभराव और फसलों को नुकसान जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

जिन क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त बारिश हो चुकी है, वहां अतिरिक्त बारिश से खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। वहीं कम बारिश वाले इलाकों में यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है।

Rajasthan Aaj Ka Mausam किसानों के लिए मौसम का क्या मतलब है?

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में खेती काफी हद तक मानसून की बारिश पर निर्भर करती है। ऐसे में बारिश की गतिविधियों में बदलाव किसानों के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण होता है।

पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने से खरीफ फसलों को पानी मिल सकता है। लेकिन यदि कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होती है तो खेतों में जलभराव का खतरा भी रहता है।

किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखकर ही खेतों से जुड़े जरूरी काम करने चाहिए। तेज बारिश और आंधी की संभावना के दौरान खुले खेत में काम करने से बचना विशेष रूप से जरूरी है।

आकाशीय बिजली के दौरान क्या सावधानी रखें?

मानसून के दौरान आकाशीय बिजली एक गंभीर प्राकृतिक खतरा है। यदि बादलों में तेज गर्जना हो रही हो तो खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और अकेले खड़े बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति खेत या खुले क्षेत्र में है और अचानक तेज मेघगर्जन शुरू हो जाए तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित भवन या वाहन के अंदर जाना चाहिए।

बिजली गिरने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की सावधानी विशेष रूप से जरूरी है।

तेज हवाओं के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?

बारिश के साथ तेज हवाएं चलने पर कमजोर पेड़, होर्डिंग, टीन की छत और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

वाहन चलाने वालों को भी तेज बारिश और हवा के दौरान गति नियंत्रित रखनी चाहिए। बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता कम होने के साथ फिसलन बढ़ सकती है।

यदि किसी क्षेत्र में प्रशासन की ओर से जलभराव या यातायात को लेकर कोई स्थानीय चेतावनी जारी की जाती है तो उसका पालन करना जरूरी है।

किन इलाकों में ज्यादा असर देखने को मिल सकता है?

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस बार बारिश का मुख्य असर पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। जयपुर और भरतपुर संभाग के साथ धौलपुर और करौली विशेष रूप से मौसम पूर्वानुमान में शामिल हैं।

इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी 21 से 24 अगस्त के दौरान स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी में बारिश से इनकार नहीं किया गया है।

राजस्थान मौसम का संभावित हाल

क्षेत्र 20 से 24 अगस्त के बीच संभावित स्थिति
पूर्वी राजस्थान बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना
जयपुर संभाग कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश
भरतपुर संभाग बारिश की संभावना
धौलपुर भारी बारिश का येलो अलर्ट
करौली भारी बारिश का येलो अलर्ट
जोधपुर संभाग अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क
बीकानेर संभाग अधिकांश हिस्सों में शुष्क, उत्तरी भागों में बारिश संभव
शेखावाटी स्थानीय स्तर पर बारिश संभव
कई जिले आंधी, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम बदलने से तापमान पर क्या असर होगा?

बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि लगातार बादल रहने के बावजूद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस हो सकती है।

जहां तेज बारिश होगी, वहां तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है। बारिश का दौर खत्म होने के बाद धूप निकलने पर उमस फिर बढ़ सकती है।

पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के मौसम में इस दौरान अंतर भी देखने को मिल सकता है। पूर्वी हिस्सों में बादल और बारिश की संभावना अधिक रहेगी, जबकि पश्चिमी इलाकों में कई जगह मौसम शुष्क रह सकता है।

Rajasthan Aaj Ka Mausam मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें

येलो अलर्ट का अर्थ यह नहीं है कि हर स्थान पर भारी बारिश होगी। यह एक सावधानी संकेत है कि कुछ इलाकों में मौसम खराब हो सकता है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

धौलपुर और करौली में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों को निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों से सावधान रहना चाहिए।

इसी तरह जिन जिलों में आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी है, वहां मौसम खराब होने के दौरान बाहर निकलने से बचना बेहतर है।

राजस्थान में अगले दिनों का मौसम एक नजर में

अगले कुछ दिनों में राजस्थान का मौसम एक जैसा नहीं रहने वाला है। पूर्वी राजस्थान में 20 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है और 21 से 24 अगस्त तक भी कई इलाकों में स्थानीय बारिश जारी रहने की संभावना है।

जयपुर और भरतपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। धौलपुर और करौली में भारी बारिश का खतरा अधिक बताया गया है।

दूसरी तरफ जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि बीकानेर के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी में स्थानीय बारिश हो सकती है।

निष्कर्ष

Rajasthan Aaj Ka Mausam के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान में 20 अगस्त से एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में 20 से 23 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि धौलपुर और करौली में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा कई जिलों में आंधी, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने से बचना और मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है।

पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर रहने की संभावना है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रह सकता है, हालांकि बीकानेर के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी में बारिश हो सकती है।

बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है, लेकिन भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और आकाशीय बिजली जैसे जोखिम भी रहेंगे। इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट के अनुसार ही जरूरी काम करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है।

 

Share This Article
1 Comment