Rajasthan Assembly Session LIVE: सदन में हंगामा- सहकारी समिति में 1.56 करोड़ का गबन, अंबा माता मंदिर पर तीखी बहस से गरमाया विधानसभा का आखिरी दिन!

Hemant Singh
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Rajasthan Assembly Session LIVE

Rajasthan Assembly Session LIVE : राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र 2026 का अंतिम दिन राजनीतिक हलचल, तीखी बहस और कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण बेहद चर्चा में रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सादुलशहर की सहकारी समिति में 1.56 करोड़ रुपये के कथित गबन का मामला, उदयपुर स्थित अंबा माता मंदिर से जुड़ा विवाद, सरिस्का टाइगर रिजर्व के विस्तार का मुद्दा और जैसलमेर की सोलर परियोजनाओं से जुड़े सवालों ने सदन का माहौल गर्म रखा।

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इस दिन की कार्यवाही में प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान कई गंभीर विषयों को उठाया गया। इसके अलावा सदन में कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को भी पारित किया गया, जिनमें महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय 2025 और राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026 प्रमुख रहे। साथ ही तीन पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

राजस्थान विधानसभा के इस अंतिम दिन की कार्यवाही को लेकर राज्य की राजनीति में काफी चर्चा रही, क्योंकि कई संवेदनशील मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया और विपक्ष ने कई मामलों में जांच की मांग भी उठाई।

Rajasthan Assembly Session LIVE : बजट सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही

विधानसभा की कार्यवाही तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह शुरू हुई। सबसे पहले प्रश्नकाल हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल पूछे गए। इसके बाद शून्यकाल में कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए।

प्रश्नकाल के दौरान सरकार से कई योजनाओं, परियोजनाओं और प्रशासनिक मामलों को लेकर जानकारी मांगी गई। वहीं शून्यकाल में विपक्ष के कई विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कई मामलों में जवाबदेही की मांग की।

इसके बाद सदन में विधायी कार्यों की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें दो महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा के बाद पारित किया गया।

तीन पूर्व विधायकों को दी गई श्रद्धांजलि

सत्र की शुरुआत में सदन ने तीन पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि दी। इन नेताओं के निधन को लेकर सदन में शोक व्यक्त किया गया और उनके योगदान को याद किया गया।

जिन पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि दी गई, उनमें शामिल थे:

नाम क्षेत्र राजनीतिक योगदान
हेमसिंह भड़ाना पूर्व विधायक क्षेत्रीय विकास और जनसेवा में सक्रिय भूमिका
रामलाल मेघवाल पूर्व विधायक सामाजिक मुद्दों और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य
हेतराम बेनीवाल पूर्व विधायक किसानों और ग्रामीण समस्याओं को उठाने में सक्रिय

सदन में सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सहकारी समिति में 1.56 करोड़ रुपये के गबन का मामला

सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सादुलशहर की एक सहकारी समिति में सामने आए 1.56 करोड़ रुपये के कथित गबन के मामले को लेकर हुई। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि सहकारी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताएं लगातार सामने आ रही हैं।

विपक्ष के कुछ विधायकों ने कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती हैं और यदि उनमें भ्रष्टाचार या गबन के मामले सामने आते हैं तो इसका सीधा असर किसानों और छोटे खाताधारकों पर पड़ता है।

सरकार की ओर से जवाब देते हुए संबंधित विभाग के प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले की जांच की प्रक्रिया चल रही है और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सहकारी समितियों की भूमिका और महत्व

राजस्थान में सहकारी समितियां किसानों और ग्रामीण समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से किसानों को ऋण, बीज, खाद और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।

यदि किसी समिति में वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो इसका असर सीधे उन लोगों पर पड़ता है जो इन संस्थाओं पर निर्भर रहते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी मानी जाती है।

नीचे एक तालिका में सहकारी समितियों के प्रमुख कार्यों को समझा जा सकता है:

कार्य उद्देश्य
कृषि ऋण वितरण किसानों को आर्थिक सहायता
बीज और खाद उपलब्ध कराना कृषि उत्पादन बढ़ाना
ग्रामीण बचत योजनाएं आर्थिक सुरक्षा
विपणन सहयोग किसानों को उचित मूल्य दिलाना

अंबा माता मंदिर को लेकर सदन में नोकझोंक

उदयपुर स्थित अंबा माता मंदिर से जुड़ा मुद्दा भी विधानसभा में चर्चा का विषय बना। कुछ विधायकों ने मंदिर के प्रशासन, प्रबंधन और स्थानीय मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे और कुछ समय के लिए सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।

हालांकि बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद चर्चा को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया गया।

सरिस्का टाइगर रिजर्व विस्तार का मुद्दा

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत सरिस्का टाइगर रिजर्व के विस्तार का मुद्दा भी उठाया गया। कुछ विधायकों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए रिजर्व क्षेत्र का विस्तार जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय गांवों और निवासियों की समस्याओं को भी ध्यान में रखना होगा।

सरकार की ओर से कहा गया कि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदाय के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

सरिस्का टाइगर रिजर्व राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है और यहां बाघों के संरक्षण को लेकर कई वर्षों से प्रयास किए जा रहे हैं।

जैसलमेर सोलर परियोजनाओं पर उठे सवाल

जैसलमेर जिले में चल रही सोलर परियोजनाओं को लेकर भी सदन में सवाल उठाए गए। कुछ विधायकों ने इन परियोजनाओं से जुड़े भूमि उपयोग, पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय लोगों के हितों को लेकर चिंता व्यक्त की।

राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में से एक माना जाता है और राज्य में कई बड़े सोलर प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं।

सरकार की ओर से कहा गया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही संचालित की जा रही हैं और यदि कहीं कोई शिकायत या समस्या सामने आती है तो उसकी जांच की जाएगी।

एसीबी मामलों पर भी चर्चा

सत्र के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ विधायकों ने भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से कार्रवाई की मांग की।

सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई एक सतत प्रक्रिया है और संबंधित एजेंसियां अपने स्तर पर जांच और कार्रवाई करती रहती हैं।

सदन में पारित हुए महत्वपूर्ण विधेयक

बजट सत्र के अंतिम दिन दो महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा के बाद पारित किया गया।

विधेयक का नाम उद्देश्य
महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक 2025 खेल शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना
राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026 शहरी प्रशासन और स्थानीय निकायों की व्यवस्था में सुधार

इन विधेयकों के पारित होने को राज्य के विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय का महत्व

महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय का उद्देश्य राज्य में खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करना है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से खेलों के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करने की योजना है।

राजस्थान में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026

नगरपालिका संशोधन विधेयक का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है। इसमें स्थानीय निकायों के अधिकार, जिम्मेदारियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े कुछ बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं।

राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए इस तरह के संशोधन आवश्यक माने जाते हैं।

विधानसभा में बहस की परंपरा

राजस्थान विधानसभा में विभिन्न मुद्दों पर बहस और चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां विधायकों को अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाने और सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलता है।

बजट सत्र के दौरान भी कई ऐसे मुद्दे सामने आए जो सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़े हुए हैं।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की भूमिका

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधायक किसी महत्वपूर्ण विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।

इस सत्र में भी कई मुद्दे इसी प्रक्रिया के तहत उठाए गए, जिनमें सहकारी समिति गबन मामला और सरिस्का विस्तार प्रमुख रहे।

बजट सत्र का समापन

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र का अंतिम दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। जहां एक ओर महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए, वहीं कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा भी हुई।

सत्र के दौरान उठाए गए मुद्दों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर लगातार संवाद जारी है।

राजस्थान की राजनीति में विधानसभा सत्र का महत्व

विधानसभा सत्र राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण मंच होता है। यहां नीतियों पर चर्चा होती है, कानून बनाए जाते हैं और सरकार की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाती है।

राजस्थान विधानसभा का यह बजट सत्र भी कई महत्वपूर्ण निर्णयों और बहसों के कारण चर्चा में रहा।

आगे क्या हो सकता है

सादुलशहर सहकारी समिति में सामने आए गबन के मामले और अन्य मुद्दों को लेकर आने वाले समय में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

इसके अलावा जिन विधेयकों को पारित किया गया है, उनके लागू होने के बाद राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

निष्कर्ष

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र 2026 का अंतिम दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी सक्रिय और महत्वपूर्ण रहा। सहकारी समिति में 1.56 करोड़ रुपये के गबन का मुद्दा, अंबा माता मंदिर को लेकर हुई तीखी बहस, सरिस्का टाइगर रिजर्व विस्तार और जैसलमेर की सोलर परियोजनाओं पर उठे सवालों ने सदन की कार्यवाही को केंद्र में रखा।

इसके साथ ही दो महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने से राज्य के खेल और शहरी प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में नई नीतिगत दिशा मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर यह दिन राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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