Viral Video : रोटियों पर थूकता पकड़ा गया रसोइया वायरल वीडियो से गाजियाबाद में हड़कंप — वायरल वीडियो ने खोल दी ढाबों की सच्चाई!!

Hemant Singh
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Viral Video/Ghaziabad Food Safety Shock: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आया यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करने वाली घटना बन गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में एक ढाबे का रसोइया रोटियों पर थूकता हुआ नजर आया — और इसके बाद जो हुआ, उसने हर आम नागरिक को झकझोर कर रख दिया।

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दिल्ली-मेरठ रोड स्थित ‘ए-वन चिकन पॉइंट’ नामक ढाबे से जुड़ी इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी कुक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन अब ढाबे का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी में है।

लेकिन सवाल सिर्फ गिरफ्तारी का नहीं है — सवाल है खाने की सुरक्षा, स्वास्थ्य पर खतरे, और उस भरोसे का, जो आम आदमी होटल-ढाबों पर बैठकर भोजन करते समय करता है।

घटना कहां की है और कैसे सामने आई?

यह मामला गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-मेरठ रोड पर स्थित एक सड़क किनारे ढाबे से जुड़ा है। यहां रोजाना दर्जनों लोग रुककर खाना खाते हैं। लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं था कि उनके सामने परोसी जा रही रोटियों के साथ ऐसा घिनौना खेल चल रहा है।

ग्राहकों की सतर्कता से खुला मामला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ग्राहकों को रसोइए की हरकतों पर शक हुआ। उन्होंने चुपचाप अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि:

  • रसोइया तंदूर में रोटी डालने से पहले उस पर थूकता है
  • फिर सामान्य तरीके से उसे सेंककर ग्राहकों को परोस देता है

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों में गुस्सा और आक्रोश फैल गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई — आरोपी गिरफ्तार

वीडियो वायरल होते ही मधुबन बापूधाम थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और कुछ ही घंटों में आरोपी को हिरासत में ले लिया।

आरोपी की पहचान

पुलिस ने आरोपी की पहचान इस प्रकार की है:

विवरण जानकारी
नाम जावेद अंसारी
निवासी मुरादनगर, गाजियाबाद
पेशा ढाबे में रसोइया
कार्यस्थल ए-वन चिकन पॉइंट

सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें खाद्य पदार्थों को दूषित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालना शामिल है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पर निम्नलिखित प्रकार की धाराएं लगाई गई हैं:

अपराध श्रेणी कानूनी कार्रवाई
खाद्य पदार्थ में जानबूझकर मिलावट गंभीर अपराध
सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालना दंडनीय अपराध
उपभोक्ता सुरक्षा कानून का उल्लंघन कानूनी कार्रवाई योग्य

इन धाराओं के तहत आरोपी को लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माना दोनों हो सकते हैं।

ढाबा मालिक पर भी शिकंजा — लाइसेंस रद्द होने की तैयारी

इस मामले में सिर्फ रसोइए पर ही नहीं, बल्कि ढाबा मालिक पर भी प्रशासन की नजर है।

ढाबा मालिक का विवरण

  • नाम: वसीम
  • प्रतिष्ठान: ए-वन चिकन पॉइंट
  • स्थान: दिल्ली-मेरठ रोड, गाजियाबाद

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के समय मालिक वहां मौजूद था या नहीं और क्या उसे इस कृत्य की जानकारी थी।

प्रशासनिक कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि:

  • ढाबे का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है
  • प्रतिष्ठान को सील किया जा सकता है
  • मालिक पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है

सोशल मीडिया पर गुस्सा, लोगों ने उठाए गंभीर सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने लिखा:

  • “अब बाहर खाना खाने से डर लगने लगा है।”
  • “यह सिर्फ एक मामला नहीं, सिस्टम की नाकामी है।”
  • “ऐसे ढाबों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

कुछ लोगों ने सरकार से मांग की कि फूड सेफ्टी जांच को और सख्त बनाया जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित भोजन कर सकें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी — यह सिर्फ घिनौना नहीं, जानलेवा भी हो सकता है

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन पर थूकना सिर्फ अनैतिक या अस्वच्छ व्यवहार नहीं है, बल्कि यह गंभीर बीमारियों को फैलाने का जरिया बन सकता है।

संभावित बीमारियां

बीमारी संक्रमण का खतरा
टीबी (Tuberculosis) उच्च
हेपेटाइटिस मध्यम
वायरल संक्रमण उच्च
पेट से जुड़ी बीमारियां अत्यधिक

डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ आरोपी नहीं, बल्कि पूरे फूड सप्लाई सिस्टम की जांच जरूरी है।

उत्तर प्रदेश सरकार का सख्त रुख — नए नियम लागू

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल के महीनों में भोजन को दूषित करने से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने हाल ही में कड़े नियम और कानून लागू किए हैं।

नए नियमों के तहत प्रावधान

नियम सजा
जानबूझकर भोजन को दूषित करना 10 साल तक की जेल
सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा भारी जुर्माना
खाद्य सुरक्षा उल्लंघन लाइसेंस रद्द

सरकार ने साफ कहा है कि ऐसे मामलों में अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

क्या यह पहला मामला है? — नहीं, पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे केस

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों से इसी तरह के वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें:

  • खाना बनाते समय गंदगी
  • थूक या अन्य अपशिष्ट पदार्थ मिलाना
  • खुले में अस्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करना

लेकिन हर बार कार्रवाई के बाद मामला ठंडा पड़ जाता है और सिस्टम फिर उसी ढर्रे पर लौट आता है।

बड़ा सवाल — आखिर कब सुधरेगा सिस्टम?

इस घटना ने एक बार फिर कुछ अहम सवाल खड़े कर दिए हैं:

  1. क्या होटल-ढाबों की नियमित जांच हो रही है?
  2. क्या कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच की जाती है?
  3. क्या ग्राहकों की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई होती है?
  4. क्या फूड सेफ्टी मानकों का वास्तव में पालन होता है?

जब तक इन सवालों के जवाब ईमानदारी से नहीं मिलते, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सिस्टम पूरी तरह मजबूत नहीं होता, तब तक आम लोगों को खुद सतर्क रहना होगा।

खाने से पहले ध्यान रखें

  • हमेशा साफ-सुथरी जगह पर ही खाना खाएं
  • किचन या काउंटर एरिया खुला हो तो उस पर नजर डालें
  • संदिग्ध व्यवहार दिखे तो तुरंत स्टाफ या प्रशासन को सूचना दें
  • बहुत सस्ते और अव्यवस्थित ढाबों से बचें

पुलिस की अपील — ऐसे मामलों को तुरंत करें रिपोर्ट

गाजियाबाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी खाने के साथ इस तरह की हरकत नजर आए तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। आपकी सतर्कता किसी की जान बचा सकती है।

पूरा मामला एक नजर में (Summary Table)

बिंदु विवरण
स्थान ए-वन चिकन पॉइंट, दिल्ली-मेरठ रोड, गाजियाबाद
घटना रोटियों पर थूकते हुए रसोइए का वीडियो वायरल
आरोपी जावेद अंसारी
कार्रवाई गिरफ्तारी, BNS धाराओं में केस दर्ज
प्रशासनिक कदम ढाबे का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
स्वास्थ्य खतरा गंभीर संक्रामक बीमारियों का जोखिम
सरकारी रुख कड़े नियम, 10 साल तक की सजा का प्रावधान

क्या यह मामला देशभर के लिए चेतावनी है?

बिल्कुल। यह घटना सिर्फ गाजियाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक रेड अलर्ट है कि हम जिन जगहों पर रोज खाना खाते हैं, वहां की स्वच्छता व्यवस्था कितनी भरोसेमंद है — इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है।

आज जरूरत है कि:

  • फूड इंस्पेक्शन सिस्टम को मजबूत किया जाए
  • होटल और ढाबों में सीसीटीवी अनिवार्य किए जाएं
  • कर्मचारियों की ट्रेनिंग और सत्यापन अनिवार्य हो
  • जनता को शिकायत दर्ज कराने के आसान माध्यम मिलें

तभी जाकर ऐसी शर्मनाक घटनाओं पर लगाम लग सकती है।

 

 

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