न्यू ईयर का जश्न या जिम्मेदारी से दूरी?
नए साल का स्वागत हर कोई खुशी और उत्साह के साथ करता है। परिवार, दोस्त, पार्टियां और काउंटडाउन—सब कुछ खास होता है। लेकिन न्यू ईयर 2026 की शुरुआत में देश के दो बड़े महानगरों गुड़गांव और बेंगलुरु से जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने जश्न की इस खुशी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक और युवतियां शराब के नशे में सड़कों पर पड़े हुए हैं, कोई संभल नहीं पा रहा, तो कोई सड़क के बीचोंबीच झूमता नजर आ रहा है। ये दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाले हैं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
न्यू ईयर की रात के बाद इंस्टाग्राम पर कुछ अकाउंट्स से वीडियो सामने आए, जिनमें गुड़गांव और बेंगलुरु की सड़कों का हाल दिखाया गया है। इन क्लिप्स में:
- कुछ युवतियां सड़क किनारे बैठी या लेटी दिख रही हैं
- कई युवक नशे में लड़खड़ाते हुए चल रहे हैं
- कहीं हंसी-मजाक है तो कहीं बहस और हंगामा
- कुछ लोग ऐसे भी दिखे जिन्हें दोस्तों द्वारा संभाला जा रहा है
वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे लोग अपनी सीमाएं पूरी तरह भूल चुके हों।
शराब के नशे में खोया होश
इन वायरल वीडियो का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अधिकतर लोग अत्यधिक शराब के नशे में नजर आ रहे हैं। कई युवक-युवतियां खुद को संभाल पाने की स्थिति में नहीं दिखे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, न्यू ईयर की रात कई जगहों पर:
- ओपन शराबखोरी
- देर रात तक तेज म्यूजिक
- सड़क पर ही पार्टी जैसा माहौल
देखने को मिला। जश्न मनाना गलत नहीं है, लेकिन जब वह खुद की और दूसरों की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए, तब उस पर सवाल उठना जरूरी है।
सड़क पर तमाशा बना जश्न
इन वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि सार्वजनिक सड़कों को पार्टी स्पॉट बना दिया गया।
जहाँ आम दिनों में ट्रैफिक चलता है, वहां लोग नशे में पड़े नजर आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में:
- सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है
- महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं
- कानून व्यवस्था प्रभावित होती है
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
हालांकि इन वीडियो में पुलिस की सीधी कार्रवाई साफ तौर पर नजर नहीं आती, लेकिन सूत्रों के मुताबिक न्यू ईयर की रात दोनों शहरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात था।
प्रशासन का कहना है कि:
- कई जगहों पर चेकिंग की गई
- ड्रिंक एंड ड्राइव पर कार्रवाई हुई
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी रखी गई
इसके बावजूद, वायरल वीडियो यह दिखाते हैं कि कुछ इलाकों में हालात नियंत्रण से बाहर रहे।
समाज के लिए क्या संदेश?
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि:
क्या आज का युवा जश्न और जिम्मेदारी के बीच संतुलन भूलता जा रहा है?
हर साल न्यू ईयर पर ऐसे वीडियो सामने आते हैं, लेकिन समय के साथ इनकी तीव्रता और खुलापन बढ़ता जा रहा है।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि:
- सोशल मीडिया पर “कूल” दिखने की होड़
- शराब को स्टेटस सिंबल मानना
- सीमाओं की कमी
ऐसे व्यवहार को बढ़ावा दे रहे हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ प्रमुख कमेंट्स:
- “माता-पिता को गर्व होगा?”
- “इससे अच्छा तो घर पर सो जाना था”
- “न्यू ईयर नहीं, नशे का तमाशा है”
- “जो घर पर चैन से सो रहे थे, उन्हें भी हैप्पी न्यू ईयर”
कई यूजर्स ने इसे शर्मनाक बताया, तो कुछ ने इसे हर साल की कहानी कहकर नजरअंदाज किया।
महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता
वीडियो में जिस तरह से कुछ युवतियां सड़क पर असहाय स्थिति में नजर आ रही हैं, उसने महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
ऐसे हालात में:
- गलत इरादों वाले लोग फायदा उठा सकते हैं
- कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है
विशेषज्ञों का कहना है कि जश्न के दौरान सेल्फ-कंट्रोल और ग्रुप में रहना बेहद जरूरी है।
क्या सीख मिलती है?
न्यू ईयर जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक होता है। लेकिन अगर इसकी शुरुआत ही लापरवाही और असंयम से हो, तो यह सोचने का विषय है।
जश्न मनाइए, लेकिन:
- अपनी सीमा में
- कानून का पालन करते हुए
- दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए
निष्कर्ष:
गुड़गांव और बेंगलुरु से सामने आए ये वायरल वीडियो सिर्फ कुछ लोगों की कहानी नहीं हैं, बल्कि एक बड़े सामाजिक ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं।
न्यू ईयर का मतलब सिर्फ शराब और पार्टी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और बेहतर कल की शुरुआत भी है।
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