Rajasthan : एक मंच, दो तस्वीरें! जयपुर में भर्ती कैलेंडर के बीच धरने पर बैठे चयनित युवा! – जयपुर की एक तस्वीर ने राजस्थान की भर्ती व्यवस्था की पूरी हकीकत उजागर कर दी

Hemant Singh
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Rajasthan : जयपुर की सर्द रात, सरकारी दफ्तर के बाहर जमीन पर बैठे सैकड़ों युवा, हाथों में चयन पत्र, आंखों में थकी हुई उम्मीद और चेहरे पर एक ही सवाल — “जब हम चयनित हैं, तो अब तक नौकरी क्यों नहीं?”

एक तरफ मंच से 2026 का भर्ती कैलेंडर जारी होता है, सरकार एक लाख नौकरियों का दावा करती है, युवा वर्ग में उम्मीद जगती है।
दूसरी तरफ उसी राजधानी में पुरानी भर्तियों के चयनित अभ्यर्थी धरने पर बैठे होते हैं, जिनकी नियुक्ति फाइलों में अटकी हुई है।

जयपुर से सामने आई यह तस्वीर सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे राजस्थान की भर्ती व्यवस्था का आईना बन गई है।

Rajasthan Job Calendar 2026: उम्मीदों की नई तारीख, लेकिन पुराने जख्म ताजा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में वर्ष 2026 के लिए वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करते हुए इसे युवाओं के लिए “रोजगार की बड़ी सौगात” बताया।
सरकार का दावा है कि:

  • अगले एक साल में एक लाख से ज्यादा नौकरियां   
  • भर्तियों में पारदर्शिता
  • समयबद्ध चयन प्रक्रिया
  • नियुक्तियों में देरी नहीं

इस घोषणा के बाद प्रदेश के कई जिलों में युवाओं ने राहत की सांस ली।
लेकिन राजधानी जयपुर में उसी दिन जो दृश्य सामने आया, उसने इस दावे की दूसरी सच्चाई उजागर कर दी।

जयपुर की सर्दी में धरने पर बैठे चयनित युवा

जयपुर की कड़ाके की ठंड में सैकड़ों ऐसे युवा सरकारी दफ्तरों के बाहर धरने पर बैठे नजर आए, जिनके पास:

  • परीक्षा पास करने का प्रमाण
  • फाइनल चयन सूची में नाम
  • बधाई पत्र (Congratulation Letter)

लेकिन इसके बावजूद नौकरी की जॉइनिंग नहीं

इन युवाओं के लिए भर्ती कैलेंडर कोई नई खुशी नहीं, बल्कि पुराने दर्द को कुरेदने जैसा था।

“चयनित हैं, फिर भी बेरोजगार” — यही सबसे बड़ा विरोधाभास

धरने पर बैठे युवाओं का कहना साफ है —

“हम परीक्षा पास कर चुके हैं, चयन सूची में नाम है, फिर भी हम बेरोजगार हैं।”

सरकार की ओर से पारदर्शिता और समय पर नियुक्ति के वादे किए गए, लेकिन पुरानी भर्तियों के चयनित अभ्यर्थी आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 2023: चयन हुआ, जॉइनिंग नहीं

साल 2023 में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा आयोजित की गई।

  • अक्टूबर 2023 में परिणाम घोषित
  • चयन प्रक्रिया पूरी
  • नियुक्ति की तैयारियां अंतिम चरण में

लेकिन जॉइनिंग से महज 5 दिन पहले आचार संहिता लागू हो गई।

इसके बाद:

  • सरकार बदली
  • फाइलें विभागों में अटक गईं
  • चयनित नर्सिंग कर्मी दो साल से इंतजार में

आज हालात यह हैं कि चयनित होने के बावजूद ये युवा बेरोजगारी भत्ता नहीं, नौकरी नहीं — कुछ भी नहीं पा रहे।

ITI Teacher भर्ती: बधाई पत्र मिला, पोस्टिंग नहीं

आईटीआई टीचर भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को:

  • बधाई पत्र मिला
  • चयन की पुष्टि हुई

लेकिन इसके बावजूद पिछले चार महीनों से पोस्टिंग आदेश जारी नहीं किए गए।

युवाओं का कहना है कि:

  • हर बार “अगले हफ्ते” का आश्वासन
  • विभागीय दफ्तरों में कोई स्पष्ट जवाब नहीं
  • भविष्य अधर में लटका

कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती 2024: धरने से समाधान तक

कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती 2024 का मामला इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया।

भर्ती से जुड़े तथ्य (टेबल)

बिंदु विवरण
कुल पद 2500
फाइनल चयन 1500 पद
चयन तिथि 25 सितंबर 2025
काउंसलिंग 22–26 दिसंबर 2025
बधाई पत्र प्रधानमंत्री की मौजूदगी में

बांसवाड़ा में प्रधानमंत्री की मौजूदगी में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई पत्र दिए गए।
लेकिन इसके बाद भी पदस्थापन आदेश जारी नहीं हुए।

जब सब दरवाजे बंद हुए, तो धरना ही आखिरी रास्ता बचा

  • आरएसएलडीसी कार्यालय, झालाना
  • कड़ाके की सर्दी
  • सैकड़ों युवा जमीन पर बैठे

कई दिनों तक धरना चला, लेकिन समाधान नहीं निकला।
इसके बाद सैकड़ों युवा अचानक मंत्री के. के. बिश्नोई के आवास पहुंचे और वहीं धरना दे दिया।

मंत्री के हस्तक्षेप से बदली तस्वीर

मीडिया के पहुंचते ही मंत्री के. के. बिश्नोई ने:

  • विभागीय अधिकारियों से तत्काल बातचीत की
  • मौके पर ही नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश

कुछ ही समय में आदेश जारी हुए और वर्षों से इंतजार कर रहे युवाओं के चेहरों पर मुस्कान लौट आई

नियुक्ति पत्र मिलते ही बदला माहौल

नियुक्ति आदेश मिलते ही:

  • युवाओं ने मंत्री को पगड़ी पहनाकर आभार जताया
  • धरना स्थल खुशी में बदल गया
  • आंखों में राहत के आंसू दिखे

लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया।

बड़ा सवाल: धरना जरूरी क्यों पड़ा?

जब:

  • चयन पूरा था
  • बधाई पत्र दिए जा चुके थे
  • सभी प्रक्रियाएं पूरी थीं

तो फिर:

  • नियुक्ति आदेश समय पर क्यों नहीं?
  • हर बार धरने के बाद ही समाधान क्यों?
  • नई भर्तियों से पहले पुरानी जिम्मेदारी क्यों नहीं?

जयपुर की तस्वीर: सरकार के लिए सीधा संदेश

जयपुर में एक ही समय पर दो तस्वीरें थीं:

  1. मंच पर भर्ती कैलेंडर और तालियां
  2. सड़क पर चयनित युवा और ठंड में धरना

यह तस्वीर sirf विरोध नहीं, बल्कि सिस्टम के लिए चेतावनी है।


merarajasthannews की साफ राय (तथ्यों के आधार पर)

  • रोजगार के वादे जरूरी हैं
  • लेकिन पहले से चयनित युवाओं का भविष्य और भी जरूरी
  • पारदर्शिता सिर्फ कैलेंडर जारी करने से नहीं
  • समय पर नियुक्ति ही असली पारदर्शिता है

आगे की राह: उम्मीद या फिर दोहराव?

अब देखना यह होगा कि:

  • 2026 का भर्ती कैलेंडर वाकई समय पर लागू होता है या नहीं
  • पुरानी भर्तियों की फाइलें सच में निपटती हैं या नहीं
  • चयनित युवाओं को धरने की जरूरत दोबारा पड़ेगी या नहीं

जयपुर की यह तस्वीर इतिहास में दर्ज हो चुकी है।
यह तस्वीर सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि सिस्टम की परीक्षा है।

 

 

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