Rajasthan News : जहां चले थे पत्थर, वहीं गरजे बुलडोजर! चौमूं में भजनलाल सरकार का सबसे सख्त एक्शन, जानिए हर परत की पूरी कहानी

Hemant Singh
8 Min Read

रिपोर्ट: merarajasthannews.com विशेष

राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं कस्बा बीते कुछ दिनों से प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक सख्ती और कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी परीक्षा का केंद्र बना हुआ है।
जिस इलाके में कुछ दिन पहले पुलिस पर पत्थरबाजी हुई थी, वहीं अब बुलडोजर की गूंज सुनाई दी। यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश था कि कानून तोड़ने वालों के लिए कोई रियायत नहीं होगी।

Contents

यह पूरी रिपोर्ट घटनाक्रम, कारण, प्रशासनिक कार्रवाई, स्थानीय प्रतिक्रिया और आगे के संकेतों को तथ्यात्मक रूप से सामने रखती है।


चौमूं विवाद की शुरुआत: एक रेलिंग, जिसने बढ़ा दिया तनाव

चौमूं कस्बे के बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित कलंदरी मस्जिद के बाहर सड़क किनारे लंबे समय से अतिक्रमण को लेकर शिकायतें मिल रही थीं।
स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों का कहना था कि सड़क पर रखा गया पत्थर और अस्थायी ढांचा:

  • सड़क की चौड़ाई कम कर रहा था
  • बार-बार जाम की स्थिति बना रहा था
  • पैदल यात्रियों और एंबुलेंस जैसी सेवाओं में बाधा बन रहा था

इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने सहमति से पत्थर हटाकर रेलिंग लगाने की प्रक्रिया शुरू की।

शुरुआत में मामला शांत रहा, लेकिन बाद में जब दोबारा लोहे की रेलिंग लगाने का प्रयास हुआ और पुलिस ने देर रात इसे हटाने की कोशिश की, तब स्थिति अचानक बिगड़ गई।


जब कानून व्यवस्था टूटी: पुलिस पर पत्थरबाजी

पुलिस कार्रवाई के दौरान भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।
भीड़ की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके गए, जिसमें:

  • 6 से 11 पुलिसकर्मी घायल हुए
  • कई को सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोटें आईं
  • हालात संभालने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा

यह घटना सिर्फ एक स्थानीय विवाद नहीं रही, बल्कि राज्य-स्तरीय कानून व्यवस्था का मुद्दा बन गई।


मुख्यमंत्री का सख्त रुख: देर रात हाई-लेवल समीक्षा

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया।
देर रात गृह विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें:

  • डीजीपी यूबी राजीव शर्मा
  • गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
  • जिला प्रशासन के अधिकारी

शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

“कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो, और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”


‘ऑपरेशन क्लीन’ की शुरुआत: बुलडोजर एक्शन

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया।
चौमूं में ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।

प्रमुख क्षेत्र जहां कार्रवाई हुई:

  • अशोक प्लाजा
  • इमाम चौक
  • पठान गली
  • पी वाला कुआं

नगर परिषद और प्रशासन के बुलडोजर गली-गली उतरे और सड़क सीमा में किए गए अवैध निर्माण हटाए गए।


 1: चौमूं में प्रशासनिक कार्रवाई का संक्षिप्त ब्यौरा

बिंदु विवरण
कुल चिन्हित अतिक्रमण 60+
ध्वस्त चबूतरे/रैंप दर्जनों
सीज किए गए निर्माण 2 मकान + 1 कॉम्प्लेक्स
तैनात पुलिस बल 200+ जवान
हिरासत में लोग 50+
कार्रवाई का उद्देश्य सड़क चौड़ीकरण व कानून व्यवस्था

पठान गली में सबसे सख्त कार्रवाई

पठान गली वह इलाका रहा, जहां पत्थरबाजी की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आई थीं।
यहां प्रशासन ने पहले ही 24 लोगों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का समय दिया था।

नोटिस अवधि पूरी होने के बाद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो:

  • नगर परिषद के बुलडोजर मौके पर पहुंचे
  • घरों और दुकानों के आगे बने रैंप तोड़े गए
  • अवैध दीवारें और सीढ़ियां हटाई गईं

इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी जताया।


महिलाओं का विरोध और प्रशासन की समझाइश

बुलडोजर कार्रवाई जैसे-जैसे अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ी, पी वाला कुआं क्षेत्र में करीब 50 महिलाएं सड़कों पर उतर आईं

महिलाओं का कहना था कि:

  • कार्रवाई एकतरफा है
  • एक विशेष मोहल्ले को निशाना बनाया जा रहा है

हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने समझाइश दी और स्थिति को नियंत्रण में रखा।
प्रशासन का कहना रहा कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों और सड़क सीमा के अनुसार की जा रही है।


2: विवाद से कार्रवाई तक – घटनाक्रम टाइमलाइन

तारीख/समय घटना
दिसंबर अंत अतिक्रमण हटाने की मांग
देर रात पुलिस कार्रवाई, पत्थरबाजी
उसी रात पुलिसकर्मी घायल
अगला दिन सीएम की समीक्षा बैठक
उसके बाद ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू
वर्तमान अतिक्रमण हटाकर स्थिति नियंत्रण में

हथियार मिलने की पुष्टि

अतिक्रमण हटाने के दौरान एक पुरानी एयरगन मिलने की पुष्टि प्रशासन द्वारा की गई।
अधिकारियों ने साफ किया कि:

  • यह कोई सक्रिय फायरआर्म नहीं थी
  • फिर भी मामले की जांच की जा रही है

इस तथ्य को प्रशासन ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया ताकि किसी तरह की अफवाह न फैले।


इंटरनेट सेवाएं और सुरक्षा इंतजाम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए:

  • चौमूं क्षेत्र में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गईं
  • आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया
  • पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया गया

इसका उद्देश्य सिर्फ एक था — अफवाहों पर रोक और शांति बनाए रखना


पूर्व विधायक रामलाल शर्मा का बयान

पूर्व विधायक रामलाल शर्मा ने प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि:

“अब प्रदेश में पत्थरबाजों को संरक्षण देने वाली सरकार नहीं है।
यह कार्रवाई कानून का राज स्थापित करने की दिशा में जरूरी कदम है।”

उन्होंने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बचाने और शांति बहाल करने के लिए आवश्यक बताया।


प्रशासन का पक्ष: निष्पक्ष और नियमों के तहत कार्रवाई

प्रशासन ने दो टूक कहा है कि:

  • अतिक्रमण हटाने की नीति धर्म, जाति या समुदाय से परे है
  • जहां भी सड़क सीमा में अवैध निर्माण होगा, वहां कार्रवाई होगी
  • कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से:

  • सड़क चौड़ी हुई
  • ट्रैफिक व्यवस्था सुधरी
  • आपातकालीन सेवाओं का रास्ता साफ हुआ

3: प्रशासन द्वारा बताए गए कार्रवाई के उद्देश्य

उद्देश्य विवरण
सड़क सुरक्षा चौड़ी सड़क, कम जाम
कानून व्यवस्था पत्थरबाजों पर सख्ती
निष्पक्षता बिना भेदभाव कार्रवाई
जनहित आम लोगों की आवाजाही आसान

नमाज शांतिपूर्ण, लेकिन नाराजगी भी

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान इमाम चौक में नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई, जो प्रशासन के लिए राहत की बात रही।

हालांकि, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने:

  • कार्रवाई पर नाराजगी जताई
  • निष्पक्षता की मांग की

प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत की जांच नियमों के तहत की जाएगी।


आगे क्या?

फिलहाल चौमूं में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि:

  • CCTV फुटेज के आधार पर पहचान जारी है
  • दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होगी
  • भविष्य में भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

यह घटना राजस्थान में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती की एक बड़ी मिसाल बन चुकी है।


निष्कर्ष: संदेश साफ है

चौमूं की यह कार्रवाई सिर्फ एक कस्बे की कहानी नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए स्पष्ट संदेश है —
जहां कानून टूटेगा, वहां बुलडोजर भी चलेगा।

merarajasthannews.com इस घटनाक्रम पर आगे भी सत्य-आधारित और जिम्मेदार रिपोर्टिंग करता रहेगा।

Share This Article
Leave a Comment