Budget 2026 पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान: GDP, महंगाई और रुपये की कमजोरी लेकर क्या बोलीं वित्त मंत्री — जानिए Budget 2026 का पूरा संदेश

Hemant Singh
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Budget 2026 : बजट 2026 के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है. उन्होंने कहा कि बजट को लेकर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार हर फैसले में देश और दुनिया दोनों हालातों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है.

सीतारमण ने कहा कि मौजूदा दौर सिर्फ एक साल की योजना बनाने का नहीं, बल्कि अगले पांच वर्षों और साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को सामने रखकर काम करने का है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल टैक्स बदलावों से यह लक्ष्य हासिल नहीं होगा, बल्कि इसके लिए लंबे समय की व्यापक आर्थिक रणनीति जरूरी है.

भारत की स्थिरता दुनिया के सामने रखने पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और स्थिरता को वैश्विक मंच पर स्थापित करना है. इसके साथ ही निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान बनाना भी बड़ा उद्देश्य है.

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि निवेशकों के लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाया जाए और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ‘रेड टेप’ यानी अनावश्यक देरी को खत्म किया जाए. उनका मानना है कि ये दोनों कदम एक साथ उठाने से ही निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

विपक्ष पर जवाब: बजट को लेकर समझ की कमी

विपक्ष द्वारा बजट को ‘दृष्टिहीन’ कहे जाने पर सीतारमण ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां बजट की गहराई को समझने में कमी दिखाती हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया सिर्फ बजट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे लगातार आगे बढ़ाया जाएगा.

Budget 2026 : महंगाई फिलहाल चिंता की वजह नहीं

वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में महंगाई कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है. उन्होंने भरोसा जताया कि देश की लंबी अवधि की रियल GDP ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नॉमिनल GDP में मजबूती का सीधा संबंध विदेशी निवेश के बढ़ते प्रवाह से है, जिसे सरकार प्राथमिकता दे रही है.

उन्होंने यह भी कहा कि कस्टम्स ड्यूटी में किया गया व्यापक बदलाव बजट 2026 का एक अहम सुधार है, जिससे व्यापार और उद्योग को नई गति मिलेगी.

सोने की कीमतों और रुपये की कमजोरी पर क्या बोलीं FM

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर टिप्पणी करते हुए सीतारमण ने कहा कि यह घरेलू नीतियों से ज्यादा वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव का असर है. उन्होंने रुपये की कमजोरी को भी इससे जोड़ा.

उनका कहना था कि जब प्रमुख मुद्राओं में भरोसा कमजोर होता है, तो निवेशक स्वाभाविक रूप से सोने की ओर रुख करते हैं. इसी कारण वैश्विक जोखिम बने रहने पर सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर टिक जाती हैं.

राहुल गांधी पर तीखा बयान

वित्त मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वह अक्सर बिना ठोस आंकड़ों के बयान देते हैं. उन्होंने राहुल गांधी के पुराने ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले बयान को जल्दबाजी में दिया गया करार देते हुए कहा कि ऐसे बयान विपक्ष की विश्वसनीयता को कमजोर करते हैं.

सीतारमण ने कहा कि देश को एक ऐसा विपक्ष चाहिए जो तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए.

क्या PSU बैंकों का विलय आगे भी होगा?

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय पर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि इस पर कोई भी फैसला संबंधित समिति की सिफारिशों के आधार पर ही लिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने से पहले इस मुद्दे पर कोई पूर्व-निर्धारित राय देना उचित नहीं होगा.

तमिलनाडु को लेकर आरोपों पर जवाब

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री द्वारा बजट में राज्य की अनदेखी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने इसे “दुखद टिप्पणी” बताया. उन्होंने कहा कि सुपर-फास्ट रेल, हाई-स्पीड रेल, रेयर अर्थ कॉरिडोर और नारियल किसानों के लिए समर्थन जैसी योजनाओं से तमिलनाडु को सीधा लाभ मिल रहा है.

उन्होंने यह भी जोड़ा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मनरेगा जैसी योजनाओं में किए गए प्रावधानों का फायदा राज्य को मिल रहा है और बजट किसी एक क्षेत्र के बजाय सभी राज्यों के विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है.

निष्कर्ष

बजट 2026 के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान यह संकेत देते हैं कि सरकार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत की आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक विकास पर भरोसा बनाए हुए है. महंगाई को नियंत्रण में रखने, निवेश बढ़ाने और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार व्यापक रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है.

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