AJIT PANWAR NEWS: सुबह की एक उड़ान… और खत्म हो गया 40 साल का सियासी सफर, डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन दर्दनाक अंत — बारामती हादसे की पूरी कहानी…

Hemant Singh
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Ajit Panwar News : बारामती, महाराष्ट्र — महाराष्ट्र की राजनीति से आज एक अत्यंत दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब वे मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे और विमान लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार सभी यात्रियों की मौत की पुष्टि की गई है।

यह खबर सामने आते ही पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों से लेकर आम नागरिकों तक, हर कोई स्तब्ध है। अजित पवार का असामयिक निधन न केवल उनके परिवार और समर्थकों के लिए, बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

हादसा कब और कहां हुआ?

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे पुणे जिले के बारामती क्षेत्र में हुई। अजित पवार का चार्टर्ड विमान बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी लैंडिंग के दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान जमीन से टकराते ही उसमें आग लग गई और कुछ ही सेकंड में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर मौजूद लोगों को बचाव कार्य में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

विमान में कौन-कौन सवार थे?

अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल पांच लोग सवार थे। इनमें:

  1. अजित पवार — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री
  2. दो पायलट — कमांडर और फर्स्ट ऑफिसर
  3. दो निजी सहयोगी / सहायक — जिनमें एक एनसीपी कार्यकर्ता भी शामिल

हादसे में किसी के भी जीवित बचने की सूचना नहीं है। सभी के शवों को पहचान के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

खराब मौसम बना हादसे की वजह?

शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि खराब मौसम इस हादसे की एक बड़ी वजह हो सकता है। बताया जा रहा है कि बारामती इलाके में सुबह के समय तेज हवा और सीमित दृश्यता की स्थिति थी। लैंडिंग के दौरान विमान को तेज झोंकों का सामना करना पड़ा, जिससे पायलट नियंत्रण खो बैठे।

हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। दुर्घटना के सही कारणों का पता ब्लैक बॉक्स, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।

DGCA और जांच एजेंसियों की कार्रवाई

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।

जांच के प्रमुख बिंदु होंगे:

  • विमान की तकनीकी स्थिति
  • उड़ान से पहले का मेंटेनेंस रिकॉर्ड
  • पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई बातचीत
  • मौसम की स्थिति और रनवे की हालत
  • ब्लैक बॉक्स डेटा का विश्लेषण

सूत्रों के अनुसार, DGCA ने संबंधित विमान कंपनी के अधिकारियों को तलब किया है और सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने जताया शोक

इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक जमीनी नेता थे, जिनका आम लोगों से गहरा जुड़ाव था। उनका अचानक जाना देश और महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताया और कहा कि अजित पवार का योगदान महाराष्ट्र के विकास में हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे को व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों रूप से अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार के साथ उनका कार्यकाल चुनौतीपूर्ण जरूर रहा, लेकिन राज्यहित में कई अहम फैसले साथ मिलकर लिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए।

शरद पवार की तबीयत को लेकर चिंता

अजित पवार के निधन की खबर से उनके चाचा और एनसीपी के संस्थापक शरद पवार को गहरा सदमा पहुंचा। खबर मिलने के बाद एहतियातन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में कुछ समय बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई और वे अपने निवास लौट आए।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, परिवार और वरिष्ठ नेताओं ने यह खबर उन्हें धीरे-धीरे दी, ताकि अचानक सदमे से उनकी तबीयत न बिगड़े।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं

अजित पवार के निधन पर देशभर के नेताओं ने शोक जताया है।

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे राजनीति के लिए बड़ा नुकसान बताया।
  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की।
  • कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि दी।

राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों ने इस दुखद घटना पर संवेदना प्रकट की।

तीन दिन का राजकीय शोक

महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार के निधन पर तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान:

  • सरकारी इमारतों पर झंडा आधा झुका रहेगा
  • सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द या स्थगित रहेंगे
  • कोई भी आधिकारिक उत्सव आयोजित नहीं किया जाएगा

कौन थे अजित पवार?

अजित पवार (66 वर्ष) महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वे एनसीपी के वरिष्ठ नेता और शरद पवार के भतीजे थे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में:

  • कई बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली
  • वित्त मंत्रालय सहित अहम विभागों का नेतृत्व किया
  • बारामती को अपना राजनीतिक गढ़ बनाया

अपने बेबाक बयानों, तेज निर्णय क्षमता और प्रशासनिक समझ के लिए वे जाने जाते थे।

बारामती से गहरा रिश्ता

बारामती अजित पवार के लिए सिर्फ एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी पहचान थी। वे यहां के विकास कार्यों को लेकर हमेशा सक्रिय रहे। सड़क, सिंचाई, शिक्षा और सहकारी क्षेत्र में उनके योगदान को स्थानीय लोग आज भी याद करते हैं।

हादसे के बाद बारामती में सन्नाटा पसरा हुआ है। समर्थक, कार्यकर्ता और आम नागरिक नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़

अजित पवार के निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि संदेशों की बाढ़ आ गई। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों लोगों ने पोस्ट कर अपने दुख का इजहार किया।

#AjitPawar, #PlaneCrash, #RIPAjitPawar जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

आगे क्या होगा?

अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

  • क्या यह हादसा सिर्फ मौसम की वजह से हुआ?
  • क्या विमान में कोई तकनीकी खराबी थी?
  • क्या रनवे की स्थिति मानकों के अनुरूप थी?

इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सच्चाई को सामने लाया जाएगा।

महाराष्ट्र की राजनीति पर असर

अजित पवार का अचानक जाना राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य छोड़ गया है।

  • एनसीपी की नेतृत्व संरचना पर असर
  • महायुति सरकार में शक्ति संतुलन
  • आने वाले स्थानीय और विधानसभा चुनावों की रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।

निष्कर्ष

अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी पीड़ा देने वाली घटना है। एक अनुभवी, मजबूत और प्रभावशाली नेता का इस तरह अचानक चले जाना राजनीति में शायद ही कभी भरा जा सके।

पूरा देश आज उनके परिवार और समर्थकों के साथ शोक में खड़ा है। आने वाले समय में जांच के निष्कर्ष सामने आएंगे, लेकिन इस दुखद घटना की टीस लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

यह खबर अपडेट की जा रही है। आगे की जानकारी के लिए merarajasthannews.com से जुड़े रहें।

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