Aaj Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी में बने Well-Marked Low Pressure Area के असर से 2 सितंबर को यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना है।
- Aaj Ka Mausam बंगाल की खाड़ी में बनी हलचल का कई राज्यों पर असर
- 2 सितंबर को किन राज्यों में बारिश का ज्यादा असर?
- 2 सितंबर का मौसम एक नजर में
- दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा आज का मौसम?
- उत्तर प्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट
- मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर
- बिहार और झारखंड में भी बढ़ी मौसम की सक्रियता
- बंगाल की खाड़ी में क्या बना है?
- पहाड़ी राज्यों में भी सावधानी जरूरी
- पूर्वोत्तर राज्यों में कई दिनों तक बारिश
- पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज बारिश का असर
- क्या पूरे देश में भारी बारिश होगी?
- 2 सितंबर से आगे कैसा रहेगा मौसम?
- आज घर से निकलने से पहले क्या ध्यान रखें?
- आज के मौसम की बड़ी बातें
Aaj Ka Mausam बंगाल की खाड़ी में बनी हलचल का कई राज्यों पर असर
देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इलाकों में बने Well-Marked Low Pressure Area का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के साथ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार यह सिस्टम अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और झारखंड की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। इसके साथ ही निचले स्तर पर बनी ट्रफ का असर उत्तर प्रदेश की ओर भी बना हुआ है।
2 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की चेतावनी जारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। ऐसे में आज घर से निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और IMD की चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए।
2 सितंबर को किन राज्यों में बारिश का ज्यादा असर?
IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 2 सितंबर को कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रमुख रूप से प्रभावित रहेंगे, जबकि मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
2 सितंबर का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र/राज्य | मौसम की स्थिति | प्रमुख चेतावनी |
|---|---|---|
| दिल्ली-NCR | बारिश और गरज-चमक | भारी बारिश/आंधी की संभावना |
| पश्चिमी यूपी | बारिश | भारी बारिश और गरज-चमक |
| पूर्वी यूपी | बारिश | भारी बारिश और गरज-चमक |
| मध्य प्रदेश | बारिश | कुछ हिस्सों में भारी बारिश |
| बिहार | बारिश | भारी बारिश की संभावना |
| झारखंड | बारिश | भारी बारिश और तेज हवाएं |
| पश्चिम बंगाल | बारिश | भारी बारिश और गरज-चमक |
| उत्तराखंड | बारिश | बहुत भारी बारिश की चेतावनी |
| पूर्वोत्तर | व्यापक बारिश | कुछ इलाकों में भारी बारिश |
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा आज का मौसम?
दिल्ली-NCR में 2 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की चेतावनी जारी की है। 3 सितंबर को भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट बना हुआ है।
दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने और बारिश के दौर आने की संभावना है। ऐसे में सुबह या दोपहर के समय घर से निकलने वाले लोगों को अचानक बदलते मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए।
खासकर खुले इलाकों, निर्माणाधीन स्थानों और पेड़ों के नीचे बारिश या आंधी के दौरान रुकने से बचना बेहतर रहेगा।
उत्तर प्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। IMD के ताजा उपखंडवार अलर्ट के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों में 2 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3, 4 और 5 सितंबर को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा IMD ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहने वाला है। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 1 से 5 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
ऐसे मौसम में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बिजली चमकने और तेज बारिश के दौरान खुले खेतों में रहने से बचने की सलाह दी जाती है।
बिहार और झारखंड में भी बढ़ी मौसम की सक्रियता
बिहार और झारखंड में बंगाल की खाड़ी से बनी मौसम प्रणाली का प्रभाव दिखाई दे रहा है। IMD के अनुसार बिहार और झारखंड में 1 और 2 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना है। बिहार में 2 से 4 सितंबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
झारखंड में भी 1 और 2 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 1 सितंबर को झारखंड के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति भी दर्ज की थी।
मौसम प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में झारखंड, बिहार और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी में क्या बना है?
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भारत के ऊपर बना Well-Marked Low Pressure Area अहम है।
IMD के अनुसार 1 सितंबर को यह सिस्टम गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास बना हुआ था। इसके साथ ऊंचाई तक फैला चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। इसके अगले 48 घंटों में उत्तर ओडिशा और झारखंड की ओर बढ़ने का अनुमान है।
इसी सिस्टम से जुड़ी निचले स्तर की ट्रफ उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश की दिशा तक फैली हुई है। यही वजह है कि इसका प्रभाव पूर्वी भारत से आगे उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक देखने को मिल रहा है।
पहाड़ी राज्यों में भी सावधानी जरूरी
उत्तराखंड में 2 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। IMD ने 3 से 8 सितंबर तक भी भारी बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में भी 1 से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट को ध्यान में रखना चाहिए।
पूर्वोत्तर राज्यों में कई दिनों तक बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का दौर लंबा चल सकता है। IMD के अनुसार अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 1 से 7 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 1 से 6 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और फिर 6-7 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में 2 से 7 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर के पहाड़ी और नदी वाले इलाकों में लगातार बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना जरूरी रहेगा।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज बारिश का असर
गंगीय पश्चिम बंगाल में 1 से 3 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। ओडिशा में भी 1 और 2 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। IMD ने दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग के क्षेत्रीय केंद्र ने पश्चिम बंगाल, उत्तर ओडिशा और बांग्लादेश के तटों के पास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा और कभी-कभी 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक झोंके आने की संभावना जताई है।
क्या पूरे देश में भारी बारिश होगी?
ऐसा कहना सही नहीं होगा कि 2 सितंबर को पूरे देश में भारी बारिश होगी। मौसम का असर क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रहेगा।
उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत तथा पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। वहीं IMD ने प्रायद्वीपीय भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना जताई है।
इसलिए देशभर के लिए एक जैसी चेतावनी मानने के बजाय अपने जिले और राज्य की स्थानीय चेतावनी देखना ज्यादा उपयोगी होगा।
2 सितंबर से आगे कैसा रहेगा मौसम?
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार 3 और 4 सितंबर को भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है, जबकि दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र में भी 3 और 4 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है।
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी 3 से 5 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 2 से 4 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।
इसका मतलब है कि 2 सितंबर के बाद भी मौसम तुरंत पूरी तरह साफ होने की उम्मीद नहीं है। कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
आज घर से निकलने से पहले क्या ध्यान रखें?
अगर आपके इलाके में भारी बारिश या आंधी का अलर्ट है तो बिना जरूरी काम के खुले क्षेत्र में जाने से बचना बेहतर है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखनी चाहिए और जलभराव वाले रास्तों में जाने से बचना चाहिए।
आंधी और बिजली चमकने की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सड़क और मौसम की स्थानीय स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
मौसम चेतावनी जिला स्तर पर अलग-अलग हो सकती है, इसलिए अपने क्षेत्र के लिए IMD का जिला-वार अलर्ट देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
आज के मौसम की बड़ी बातें
| मौसम संबंधी स्थिति | 2 सितंबर 2026 का अपडेट |
|---|---|
| मुख्य मौसम प्रणाली | बंगाल की खाड़ी से जुड़ा Well-Marked Low Pressure Area |
| सिस्टम की दिशा | उत्तर ओडिशा और झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना |
| यूपी | भारी बारिश, गरज-चमक और आंधी |
| दिल्ली-NCR | बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना |
| मध्य प्रदेश | कई हिस्सों में बारिश, कुछ जगह भारी बारिश |
| बिहार | बारिश और कुछ हिस्सों में भारी बारिश |
| झारखंड | बारिश और भारी बारिश की संभावना |
| उत्तराखंड | बहुत भारी बारिश का अलर्ट |
| पूर्वोत्तर | कई दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना |
निष्कर्ष
Aaj Ka Mausam अपडेट के मुताबिक 2 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े Well-Marked Low Pressure Area का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड समेत कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आज विशेष सावधानी की जरूरत है, क्योंकि कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है। दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है।
वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर अगले कई दिनों तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में मौसम को लेकर सबसे जरूरी बात यही है कि लोग अपने जिले का ताजा IMD अलर्ट देखकर ही यात्रा और अन्य जरूरी गतिविधियों की योजना बनाएं।