Rajasthan Mein Kal Ka Mausam: राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 जुलाई को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रह सकता है। जानिए जिलेवार मौसम का ताजा अपडेट और अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान।
- 18 जुलाई को कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
- Rajasthan Mein Kal Ka Mausam किन जिलों में बारिश की संभावना है?
- मानसून क्यों हुआ कमजोर?
- पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं का अलर्ट
- पश्चिमी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
- पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में राहत के संकेत
- ग्रीन अलर्ट का क्या मतलब है?
- 19–20 जुलाई के बाद फिर बदल सकता है मौसम
- किसानों के लिए क्या है मौजूदा स्थिति?
- आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- एक नजर में मौसम का ताजा अपडेट
राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिली थी, लेकिन अब मौसम ने नई करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और भारी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। कुछ संभागों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
मानसून की यह बदलती चाल किसानों, व्यापारियों, यात्रियों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय होने के कारण किसान लगातार बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं शहरों में रहने वाले लोग भी यह जानना चाहते हैं कि आने वाले दिन बारिश लेकर आएंगे या फिर उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मानसून कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन यह स्थिति स्थायी नहीं है। अगले कुछ दिनों में मौसम प्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है। 19 से 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। फिलहाल पूरे प्रदेश के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया गया है, यानी किसी बड़े मौसमीय खतरे की चेतावनी नहीं है।
राजस्थान का मौसम भौगोलिक रूप से काफी विविध है। एक ओर दक्षिणी और पूर्वी जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है तो दूसरी ओर पश्चिमी मरुस्थलीय इलाकों में शुष्क मौसम और गर्म हवाओं का असर दिखाई दे सकता है। इसी कारण मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।
18 जुलाई को कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार 18 जुलाई को राजस्थान के अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कहीं भी व्यापक या अत्यधिक वर्षा की संभावना नहीं है। यानी यदि किसी क्षेत्र में बारिश होती भी है तो उसका दायरा सीमित रहेगा और वह स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
सुबह और शाम के समय कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं, जबकि दिन के समय कई जिलों में धूप निकलने की भी संभावना है। यही वजह है कि प्रदेश में मौसम का स्वरूप एक जैसा नहीं रहेगा।
Rajasthan Mein Kal Ka Mausam किन जिलों में बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। यह बारिश सामान्य मानसूनी बारिश की तुलना में कम तीव्रता की हो सकती है।
संभावित मौसम
| संभाग | मौसम का अनुमान |
|---|---|
| जयपुर | हल्की बारिश या बूंदाबांदी |
| भरतपुर | कहीं-कहीं हल्की वर्षा |
| कोटा | बादल और हल्की बारिश |
| उदयपुर | स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी |
| बीकानेर | कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा |
| जोधपुर | छिटपुट बारिश की संभावना |
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इन संभागों के सभी जिलों में बारिश होना जरूरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर मौसम में अंतर देखने को मिल सकता है।
मानसून क्यों हुआ कमजोर?
राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कम होने का सबसे बड़ा कारण मानसूनी द्रोणी का उत्तर की ओर हिमालय क्षेत्र में खिसक जाना माना जा रहा है। जब मानसूनी द्रोणी अपने सामान्य स्थान से उत्तर की ओर चली जाती है तो उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में वर्षा की गतिविधियां कमजोर पड़ जाती हैं।
आईएमडी के अनुसार वर्तमान समय में समुद्र तल पर स्थित मानसूनी द्रोणी जम्मू, बरेली, बस्ती और डाल्टनगंज होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। वहीं उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र का भी मौसम पर प्रभाव बना हुआ है। इसके अलावा जम्मू संभाग के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम की मौजूदा स्थिति को प्रभावित कर रहा है।
इन्हीं कारणों से फिलहाल राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना कम बनी हुई है।
पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और खुले स्थानों पर कार्य करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की आवश्यकता होगी। हालांकि फिलहाल किसी बड़े तूफान या गंभीर मौसमीय चेतावनी की जानकारी जारी नहीं की गई है।
पश्चिमी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में आने वाले जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, फलौदी और आसपास के मरुस्थलीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। इन इलाकों में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना बनी हुई है।
मरुस्थलीय क्षेत्रों में बारिश कम होने के कारण तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे मौसम में दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है। यदि धूलभरी आंधी चलती है तो वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में राहत के संकेत
जहां पश्चिमी राजस्थान में शुष्क मौसम बना रह सकता है, वहीं पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना लोगों को गर्मी से कुछ राहत दे सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बारिश स्थानीय स्तर तक सीमित रह सकती है और पूरे संभाग में समान रूप से वर्षा होने की संभावना नहीं है।
जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी होने से तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन इससे मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं माना जाएगा।
ग्रीन अलर्ट का क्या मतलब है?
मौसम विभाग ने फिलहाल पूरे राजस्थान के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया है। ग्रीन अलर्ट का अर्थ यह है कि राज्य में किसी बड़े मौसमीय खतरे, अत्यधिक वर्षा, तेज आंधी या गंभीर प्राकृतिक आपदा की आशंका फिलहाल नहीं है।
हालांकि ग्रीन अलर्ट का मतलब यह बिल्कुल नहीं होता कि कहीं भी बारिश नहीं होगी। इसका आशय केवल इतना है कि मौसम सामान्य स्थिति में रहने की संभावना है और किसी विशेष चेतावनी की आवश्यकता नहीं समझी गई है।
यदि आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली में बड़ा बदलाव होता है तो मौसम विभाग अलर्ट का स्तर भी बदल सकता है।
19–20 जुलाई के बाद फिर बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 19 से 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र बनने के संकेत मिल रहे हैं। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो राजस्थान में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है।
ऐसी स्थिति में प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी भी सिस्टम की तीव्रता और प्रभाव का सही आकलन उसके विकसित होने के बाद ही संभव होता है। इसलिए लोगों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करना चाहिए।
किसानों के लिए क्या है मौजूदा स्थिति?
राजस्थान में खरीफ फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में बारिश की कमी किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। जिन क्षेत्रों में पहले अच्छी वर्षा हो चुकी है, वहां फसलों की शुरुआती बढ़वार सामान्य रह सकती है। लेकिन जहां अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसान अगली अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।
यदि 19–20 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय होता है तो खरीफ फसलों को इसका लाभ मिल सकता है। वहीं यदि शुष्क मौसम लंबे समय तक बना रहता है तो सिंचाई पर निर्भरता बढ़ सकती है।
आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी किसी भी अपुष्ट या भ्रामक संदेश पर भरोसा न करें। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम का अपडेट जरूर देखें।
तेज हवाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर सावधानी बरतें। धूलभरी आंधी के दौरान वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें। वहीं किसानों को भी मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों द्वारा जारी सलाह के अनुसार खेती से जुड़े निर्णय लेने चाहिए।
एक नजर में मौसम का ताजा अपडेट
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 18 जुलाई |
| मानसून की स्थिति | फिलहाल कमजोर |
| भारी बारिश | संभावना कम |
| हल्की बारिश | जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में |
| तेज हवाएं | पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में 30–40 किमी प्रति घंटा |
| पश्चिमी राजस्थान | शुष्क मौसम, गर्म हवाएं और धूलभरी आंधी की संभावना |
| अलर्ट | पूरे प्रदेश में ग्रीन अलर्ट |
| आगे का अनुमान | 19–20 जुलाई के आसपास नया मौसम तंत्र बनने के संकेत |
निष्कर्ष
राजस्थान में 18 जुलाई को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने की संभावना है। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि कुछ संभागों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पूर्वी राजस्थान में तेज हवाएं चलने की संभावना है, वहीं पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्रों में गर्म हवाएं और धूलभरी आंधी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। मौसम विभाग ने फिलहाल पूरे प्रदेश के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया है। साथ ही 19–20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत दिए हैं, जिससे मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।