Rajasthan CNG Gas Shortage : जोधपुर में CNG का गहराता संकट! घंटों लाइन में खड़े ऑटो चालक, सवारी छूट रही… आखिर शहर में गैस की कमी ने क्यों बिगाड़ दी रोज़ी-रोटी की रफ्तार?

Hemant Singh
7 Min Read
Rajasthan CNG Gas Shortage

Rajasthan CNG Gas Shortage : राजस्थान के जोधपुर शहर में इन दिनों सीएनजी गैस की कमी ने सार्वजनिक परिवहन से जुड़े हजारों वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई सीएनजी पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, जहां ऑटो और टैक्सी चालक घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। कई जगहों पर गैस उपलब्ध ही नहीं है, जबकि कुछ पंपों पर सीमित मात्रा में ही सीएनजी दी जा रही है। इस स्थिति ने रोज़ कमाकर परिवार चलाने वाले चालकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।

जोधपुर में CNG की किल्लत ने बढ़ाई मुश्किलें, ऑटो-टैक्सी चालकों की कमाई पर असर

ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि सीएनजी की कमी के कारण उनका नियमित काम प्रभावित हो रहा है। उन्हें पहले गैस भरवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और इसके बाद भी समय पर सवारी नहीं मिल पाती। कई बार ऐसा भी होता है कि जब तक गैस भरवाने की बारी आती है, तब तक संभावित सवारी किसी दूसरे वाहन से चली जाती है। इससे उनकी दिनभर की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है।

सुबह से लग रही लंबी कतारें

जोधपुर के कई सीएनजी पंपों पर सुबह के समय ही वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। ऑटो और टैक्सी चालक गैस भरवाने के लिए जल्दी पहुंच जाते हैं, लेकिन कई बार उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान उनका काम पूरी तरह रुक जाता है।

कई चालकों का कहना है कि पहले जहां कुछ ही मिनटों में गैस भर जाती थी, वहीं अब आधा दिन लाइन में ही निकल जाता है। इससे उनकी रोज़ की आय में कमी आ रही है और दिनभर का शेड्यूल भी बिगड़ रहा है।

सवारी इंतजार नहीं करती, कमाई पर सीधा असर

ऑटो चालकों का कहना है कि यात्रियों को जल्दी होती है और वे ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करते। अगर चालक गैस भरवाने में व्यस्त है या लाइन में खड़ा है, तो सवारी किसी दूसरे वाहन से चली जाती है। इसका सीधा असर उनकी आय पर पड़ रहा है।

कई चालकों ने बताया कि पहले वे दिनभर में कई चक्कर लगा लेते थे, जिससे ठीकठाक कमाई हो जाती थी। लेकिन अब गैस की कमी के कारण उनके काम के घंटे कम हो गए हैं। कई बार दिनभर की मेहनत के बाद भी पहले जितनी कमाई नहीं हो पा रही है।

परिवार का खर्च चलाना हो रहा मुश्किल

ऑटो और टैक्सी चालक ज्यादातर रोज़ कमाने-खाने वाले लोग होते हैं। उनकी आमदनी का मुख्य स्रोत उनका वाहन ही होता है। ऐसे में जब काम प्रभावित होता है, तो परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता है।

चालकों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य खर्चों के लिए नियमित आय जरूरी होती है। लेकिन वर्तमान स्थिति में कमाई घटने से आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

कई पंपों पर गैस उपलब्ध नहीं

शहर के कुछ सीएनजी पंपों पर गैस पूरी तरह खत्म होने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में चालक एक पंप से दूसरे पंप तक चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। इस प्रक्रिया में उनका काफी समय और ईंधन भी खर्च हो जाता है।

कुछ जगहों पर गैस उपलब्ध होने के बावजूद सीमित मात्रा में ही दी जा रही है। इससे सभी वाहनों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही और लाइनें लगातार लंबी होती जा रही हैं।

शहर के सार्वजनिक परिवहन पर असर

जोधपुर में बड़ी संख्या में ऑटो और टैक्सी सीएनजी पर चलती हैं। ऐसे में जब गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसका असर पूरे शहर के सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ता है। यात्रियों को भी कई बार वाहन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

परिवहन से जुड़े लोग बताते हैं कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो शहर में यात्रा करने वाले लोगों को भी दिक्कत हो सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां ऑटो और टैक्सी ही मुख्य परिवहन साधन हैं।

मौजूदा स्थिति का संक्षिप्त विवरण

मुद्दा स्थिति
मुख्य समस्या शहर में सीएनजी गैस की कमी
प्रभावित वर्ग ऑटो और टैक्सी चालक
प्रमुख परेशानी गैस भरवाने के लिए लंबा इंतजार
काम पर असर सवारी छूट रही, रोज़ की कमाई कम
पंपों की स्थिति कई जगह गैस खत्म, कहीं सीमित आपूर्ति

चालकों की मांग

ऑटो और टैक्सी चालकों का कहना है कि शहर में सीएनजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उनका कहना है कि अगर गैस की उपलब्धता सामान्य हो जाए तो वे फिर से पहले की तरह अपना काम सुचारु रूप से कर पाएंगे।

शहर में बढ़ती चिंता

जोधपुर में सीएनजी संकट को लेकर वाहन चालकों के बीच चिंता का माहौल है। उनका मानना है कि अगर यह समस्या जल्द हल नहीं हुई तो उनके लिए रोज़गार चलाना और भी कठिन हो जाएगा।

फिलहाल चालक यही उम्मीद कर रहे हैं कि गैस की आपूर्ति सामान्य होगी और उन्हें लंबी लाइनों में खड़े होकर समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। जब तक यह स्थिति सुधरती नहीं, तब तक शहर के कई ऑटो और टैक्सी चालकों की रोज़ी-रोटी इसी तरह प्रभावित होती रहेगी।

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