चौमूं विवाद में नया मोड़: जिस जगह हुई थी पत्थरबाजी, वहीं मलबे से मिली एयरगन, पुलिस जांच तेज

Hemant Singh
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जयपुर (चौमूं)
राजस्थान के चौमूं कस्बे में हाल ही में हुए विवाद और पत्थरबाजी की घटना को लेकर पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मलबे से एक पुरानी एयरगन बरामद की गई है। यह एयरगन ठीक उसी इलाके से मिली है, जहां मस्जिद के बाहर रेलिंग को लेकर विवाद शुरू हुआ था और बाद में स्थिति पत्थरबाजी तक पहुंच गई थी।

पुलिस ने एयरगन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसका संबंध हालिया हिंसा से है या इसे पहले से ही वहां छिपाकर रखा गया था।


ऑपरेशन क्लीन के दौरान सामने आया बड़ा सुराग

प्रशासन की टीम सुबह-सुबह भारी पुलिस बल के साथ चौमूं बस स्टैंड के पास कलंदरी मस्जिद के सामने पहुंची। यहां पहले से चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई।

इस अभियान में:

  • गरीब नवाज होटल
  • चार मीट की दुकानें
  • अन्य स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण

को हटाया गया। इन सभी को पहले नोटिस जारी किए जा चुके थे, जिनकी समय-सीमा 31 दिसंबर को समाप्त हो गई थी। तय समय में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।


मलबे में दबी मिली पुरानी एयरगन

बुलडोजर से मलबा हटाने के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक धातु की वस्तु पर पड़ी। पास जाकर देखने पर पता चला कि यह एक पुरानी एयरगन (एयर राइफल) है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि:

  • एयरगन पर जंग लगी हुई थी
  • यह पेलेट्स से चलने वाली सामान्य एयर राइफल प्रतीत होती है
  • काफी समय से इस्तेमाल में न होने की संभावना भी जताई जा रही है

हालांकि, पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।


क्या पत्थरबाजी से जुड़ा है एयरगन का कनेक्शन?

यह एयरगन उसी स्थान से मिली है, जहां कुछ दिन पहले रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर इलाके में पत्थरबाजी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

पुलिस का कहना है कि:

  • घटना के दौरान केवल पत्थर ही नहीं, बल्कि अन्य साधनों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई थी
  • एयरगन की बरामदगी से यह शक और गहरा हो गया है
  • अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एयरगन का इस्तेमाल वास्तव में हुआ था या नहीं

इसी कारण इसे एक महत्वपूर्ण सबूत के रूप में देखा जा रहा है।


फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज

बरामद एयरगन को तुरंत फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि:

  • हाल ही में इससे फायर किया गया था या नहीं
  • इसमें किसी तरह के जैविक या अन्य तकनीकी सबूत मौजूद हैं या नहीं
  • इसका सीरियल नंबर या अन्य पहचान चिह्न

साथ ही, पुलिस:

  • इलाके के सीसीटीवी फुटेज
  • प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
  • और खुफिया इनपुट

के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एयरगन किसकी हो सकती है।


पुलिस अलर्ट, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

पत्थरबाजी की घटना के बाद से ही चौमूं में पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सख्त निर्देशों के बाद मामले की निगरानी डीजीपी यूबी राजीव शर्मा स्तर पर की जा रही है।

एयरगन मिलने के बाद:

  • अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया
  • संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई
  • किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैयार रखी गई हैं

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी

चौमूं थाना प्रभारी के अनुसार, अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब तक कई ऐसे निर्माण हटाए जा चुके हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से किए गए थे।

पुलिस का कहना है कि:

  • कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है
  • किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
  • जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी

पूरे मामले की स्थिति एक नजर में (टेबल)

बिंदु जानकारी
स्थान चौमूं, जयपुर
कार्रवाई ऑपरेशन क्लीन (अतिक्रमण हटाओ)
बरामद वस्तु पुरानी एयरगन
घटना से संबंध पत्थरबाजी वाले क्षेत्र से बरामद
जांच एजेंसी स्थानीय पुलिस + फोरेंसिक
वर्तमान स्थिति जांच जारी, माहौल शांत

फिलहाल शांत है माहौल, लेकिन निगरानी जारी

हालांकि एयरगन मिलने के बाद इलाके में हलचल जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल चौमूं में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मलबे में मिली यह एयरगन केवल एक संयोग है या फिर चौमूं में हुई हिंसक घटना की सबसे अहम कड़ी


merarajasthannews
यह रिपोर्ट उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और पुलिस इनपुट पर आधारित है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद तथ्य अपडेट किए जा सकते हैं।

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