आज के समय में डायबिटीज एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जो धीरे-धीरे हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए मरीज मीठे से दूरी बना लेते हैं और उसकी जगह शुगर फ्री गोलियों को सुरक्षित विकल्प मानकर इस्तेमाल करने लगते हैं।
- शुगर फ्री गोलियां आखिर होती क्या हैं?
- एक्सपर्ट की चेतावनी: “डायबिटीज मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं”
- कितनी शुगर फ्री गोलियां लेना हो सकता है खतरनाक?
- शरीर के “अच्छे बैक्टीरिया” पर क्यों पड़ता है असर?
- शुगर फ्री गोलियों के संभावित साइड इफेक्ट (टेबल)
- कंपनियों के दावों पर क्यों न करें आंख बंद कर भरोसा?
- लोग क्यों बढ़ा रहे हैं शुगर फ्री का इस्तेमाल?
- डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प क्या हैं?
- किन लोगों को शुगर फ्री से ज्यादा बचना चाहिए?
- एक्सपर्ट की सीधी सलाह
- निष्कर्ष: मीठे का विकल्प नहीं, आदत बदलना है जरूरी
लेकिन सवाल यह है—
क्या शुगर फ्री गोलियां सच में पूरी तरह सुरक्षित हैं?
कहीं यह आपकी सेहत को अंदर से नुकसान तो नहीं पहुंचा रहीं?
डायबिटीज एक्सपर्ट्स की मानें तो शुगर फ्री गोलियों का जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर के लिए धीमा ज़हर साबित हो सकता है।
शुगर फ्री गोलियां आखिर होती क्या हैं?
शुगर फ्री गोलियां आमतौर पर कृत्रिम स्वीटनर (Artificial Sweeteners) से बनाई जाती हैं। इनका इस्तेमाल चाय, कॉफी, दूध, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में मिठास के लिए किया जाता है।
इनमें आमतौर पर शामिल होते हैं:
- एस्पार्टेम (Aspartame)
- सैकरिन (Saccharin)
- सुक्रालोज़ (Sucralose)
कंपनियां दावा करती हैं कि ये:
- ज़ीरो कैलोरी होती हैं
- ब्लड शुगर नहीं बढ़ातीं
- डायबिटीज मरीजों के लिए सुरक्षित हैं
लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स इन दावों को पूरी तरह सही नहीं मानते।
एक्सपर्ट की चेतावनी: “डायबिटीज मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं”
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉ. प्रभात अग्रवाल ने शुगर फ्री गोलियों को लेकर अहम जानकारी साझा की है।
डॉ. प्रभात अग्रवाल के अनुसार:
“शुगर फ्री गोलियां चीनी या गुड़ का विकल्प जरूर हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह सुरक्षित मानना गलत है। खासकर डायबिटीज के मरीजों को इनका सेवन बेहद सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।”
कितनी शुगर फ्री गोलियां लेना हो सकता है खतरनाक?
डॉ. प्रभात अग्रवाल बताते हैं कि:
- अगर कोई डायबिटीज मरीज दिन में 7–8 शुगर फ्री गोलियां लेता है, तो सामान्य तौर पर यह सीमा के अंदर माना जा सकता है
- लेकिन इससे ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर
- पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है
- शरीर के अंदर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंच सकता है
लगातार अधिक मात्रा में सेवन लंबे समय में गंभीर साइड इफेक्ट्स पैदा कर सकता है।
शरीर के “अच्छे बैक्टीरिया” पर क्यों पड़ता है असर?
मानव शरीर में मौजूद गट बैक्टीरिया (Gut Microbiota) पाचन, इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म के लिए बेहद जरूरी होते हैं।
डॉ. प्रभात अग्रवाल के मुताबिक:
- शुगर फ्री गोलियां इन अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाती हैं
- इससे
- गैस
- अपच
- सूजन
- पेट दर्द
- इम्यूनिटी कमजोर होने की समस्या हो सकती है
यही कारण है कि कई मेडिकल स्टडीज़ में लंबे समय तक शुगर फ्री के इस्तेमाल को नुकसानदायक बताया गया है।
शुगर फ्री गोलियों के संभावित साइड इफेक्ट (टेबल)
| साइड इफेक्ट | शरीर पर असर |
|---|---|
| गट बैक्टीरिया डैमेज | पाचन कमजोर |
| गैस और अपच | पेट संबंधी समस्या |
| सूजन | पेट व आंतों में परेशानी |
| इम्यूनिटी पर असर | बार-बार बीमार पड़ना |
| मीठे की आदत बढ़ना | नैचुरल डाइट से दूरी |
कंपनियों के दावों पर क्यों न करें आंख बंद कर भरोसा?
शुगर फ्री बनाने वाली कंपनियां अक्सर प्रचार करती हैं कि:
- ये ज़ीरो कैलोरी होती हैं
- कोई नुकसान नहीं करतीं
- रोज़ाना सेवन पूरी तरह सुरक्षित है
लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि:
- “ज़ीरो कैलोरी” का मतलब ज़ीरो असर नहीं होता
- लंबे समय तक सेवन करने पर शरीर में हॉर्मोनल और मेटाबॉलिक बदलाव हो सकते हैं
डॉ. प्रभात अग्रवाल साफ कहते हैं:
“मरीजों को कंपनियों के मार्केटिंग दावों में नहीं आना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह की मेडिसिन या विकल्प का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”
लोग क्यों बढ़ा रहे हैं शुगर फ्री का इस्तेमाल?
आजकल देखा जा रहा है कि:
- लोग चाय-कॉफी में रोज़ शुगर फ्री डालते हैं
- मिठास की आदत खत्म नहीं कर पा रहे
- नैचुरल विकल्पों की जगह शॉर्टकट ढूंढते हैं
यही आदत धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है।
डायबिटीज मरीजों के लिए बेहतर विकल्प क्या हैं?
एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार:
- संभव हो तो मीठे की आदत धीरे-धीरे कम करें
- स्वाद के लिए
- दालचीनी
- इलायची
- सौंफ
- प्राकृतिक मसालों का इस्तेमाल करें
- डॉक्टर की सलाह से ही किसी स्वीटनर का चुनाव करें
किन लोगों को शुगर फ्री से ज्यादा बचना चाहिए?
- लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित मरीज
- पेट की समस्या वाले लोग
- कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति
- बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं
एक्सपर्ट की सीधी सलाह
डॉ. प्रभात अग्रवाल के अनुसार:
- शुगर फ्री गोलियों को डेली डाइट का हिस्सा न बनाएं
- अगर जरूरी हो तो बहुत सीमित मात्रा में
- बेहतर है कि इनसे पूरी तरह दूरी बनाई जाए
निष्कर्ष: मीठे का विकल्प नहीं, आदत बदलना है जरूरी
डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ चीनी हटाना काफी नहीं है।
शुगर फ्री गोलियां एक अस्थायी विकल्प हो सकती हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षित समझकर ज्यादा मात्रा में लेना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
सही तरीका है:
- संतुलित आहार
- डॉक्टर की सलाह
- और मीठे की आदत पर कंट्रोल
यह लेख केवल जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी स्वास्थ्य निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है।
Published for merarajasthannews