ये है जयपुर का हाथियों वाला गांव: न्यू ईयर पर जरूर करें एक्सप्लोर, शाही अनुभव से दिल हो जाएगा खुश

Hemant Singh
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जयपुर। अगर आप नए साल पर जयपुर घूमने का प्लान बना रहे हैं और कुछ अलग, यादगार व शाही अनुभव चाहते हैं, तो आमेर स्थित हाथी गांव (Elephant Village) आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए। राजस्थान ही नहीं, बल्कि भारत का पहला हाथी गांव कहलाने वाला यह अनोखा पर्यटन स्थल सैलानियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यहां हाथियों के साथ समय बिताने का अनुभव ऐसा है, जो दिल को खुशी से भर देता है।

140 बीघा में बसा अनोखा हाथी गांव

जयपुर के आमेर किले के पास स्थित हाथी गांव करीब 140 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे 20 ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। यहां एक हाथी और लगभग 75 हथनियों का बड़ा परिवार एक साथ रहता है। गांव में हाथियों के लिए जंगल जैसा वातावरण, कृत्रिम तालाब, खुले मैदान और रहने के लिए अलग-अलग विशाल कमरे बनाए गए हैं, ताकि वे प्राकृतिक और सुरक्षित माहौल में रह सकें।

हर हाथी की है अलग पहचान

हाथी गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां रहने वाले हर हाथी और हथिनी का अपना अलग नाम और पहचान है। गांव का एकमात्र हाथी ‘बाबू’ के नाम से जाना जाता है, जबकि हथनियों में चंदा, पुष्पा, हेमा, लक्ष्मी, जोनाली जैसी हथनियां पर्यटकों की खास पसंद हैं। यह नामकरण हाथियों को सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य जैसा दर्जा देता है।

पीढ़ियों से महावतों का साथ

हाथी गांव में महावत और उनके परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी हाथियों के साथ रहते आ रहे हैं। बताया जाता है कि करीब 350 साल पहले कछवाहा राजवंश के दौर में इनके पूर्वज जयपुर के राजाओं-महाराजाओं के लिए महावत का काम करते थे। आज भी वही परंपरा जीवित है। महावत हाथियों की देखभाल, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हैं।

पर्यटकों के लिए शाही अनुभव

हाथी गांव पर्यटकों के लिए शाही सवारी और मनोरंजन का खास केंद्र है। यहां आने वाले सैलानी:

  • हाथियों की सवारी कर सकते हैं
  • उन्हें नहला सकते हैं
  • खाना खिला सकते हैं
  • फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर सकते हैं

हाथी पर बैठकर पूरे गांव का चक्कर लगाना पर्यटकों के लिए सबसे रोमांचक अनुभव माना जाता है। सर्दियों के मौसम में यह अनुभव और भी खास हो जाता है।

VIP स्वागत के लिए मशहूर हथनियां

हाथी गांव की हथनियां अपने भव्य और शाही स्वागत के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। ये हथनियां राजा-महाराजाओं के जमाने के सोने-चांदी के भारी गहने पहनकर VIP मेहमानों का स्वागत करती हैं।
इनमें:

  • 22 किलो का शाही हौदा
  • 1.3 किलो की चांदी की पाजेब
  • 2 किलो की सिरी
  • 1.3 किलो वजनी पूंछ की दुमची

शामिल होती है। हेमा, पुष्पा और चंदा सबसे प्रसिद्ध हथनियां हैं, जिन्होंने हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का भी शाही अंदाज में स्वागत किया था।

सेलिब्रिटीज की भी पहली पसंद

हाथी गांव सिर्फ आम पर्यटकों तक सीमित नहीं है। यहां अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के अलावा बॉलीवुड अभिनेता विद्युत जामवाल, क्रिकेटर यूसुफ पठान, रिक्की पोंटिंग और सूफी गायक फरहान साबरी जैसे कई नामचीन लोग एलिफेंट राइडिंग का अनुभव ले चुके हैं।

विश्व हाथी दिवस पर फैशन शो

हर साल विश्व हाथी दिवस पर हाथी गांव में भव्य आयोजन होता है। इस दौरान हाथी और हथनियों का अनोखा फैशन शो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बनता है। लाखों रुपये के गहने पहनकर हाथी रेड कार्पेट पर रैंप वॉक करते हैं। यह नजारा किसी बॉलीवुड फैशन शो से कम नहीं होता।

रोजगार का भी बड़ा केंद्र

हाथी गांव से हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। करीब 100 से अधिक महावत हाथियों की देखभाल करते हैं और इन्हीं से उनके परिवारों का पालन-पोषण होता है। रोजाना हाथियों को आमेर किले तक एलिफेंट राइडिंग के लिए ले जाया जाता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

स्वास्थ्य और देखभाल की पूरी व्यवस्था

हाथियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाता है। गांव में:

  • हाथियों के लिए अलग हॉस्पिटल
  • हर दिन तालाब में स्नान
  • भोजन में गन्ना, ज्वार, बाजरा, केला और मतीरा
  • नियमित मेडिकल जांच

की सुविधाएं मौजूद हैं। हर हाथी पर रोजाना 3 से 4 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है।

प्रवेश शुल्क और टाइमिंग

  • भारतीय पर्यटक: ₹50
  • विदेशी पर्यटक: ₹400
  • एलिफेंट राइडिंग: ₹1500 (दो व्यक्तियों के लिए)

सर्दियों में एलिफेंट राइडिंग सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपलब्ध रहती है।

क्यों जाएं हाथी गांव?

अगर आप जयपुर यात्रा को सिर्फ किले और बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहते, तो हाथी गांव आपको प्रकृति, संस्कृति, इतिहास और शाही अनुभव—सब कुछ एक साथ देता है। नए साल पर यहां आकर हाथियों के साथ बिताया गया समय आपकी ट्रिप को सचमुच यादगार बना देगा।

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